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  • Published on 25 Jun 2016 by Avdhesh Solanki

शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तरह का पहला पायलट प्रोग्राम शुरू किया है. इसके तहत दोपहिया वाहन कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) से चलाए जाएंगे.

बृहस्पतिवार को इस परियोजना की शुरुआत नई दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीएनजी स्टेशन पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रकाश जावड़ेकर ने की.

फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस योजना के तहत सरकार ने करीब 50 हॉन्डा एक्टिवा स्कूटरों में सीएनजी किट लगाई है और डॉमिनोज पिज्जा द्वारा इसका इस्तेमाल और परीक्षण होम डिलीवरी के लिए किया जाएगा.

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआईएआई) द्वारा स्वीकृत यह सीएनजी किट हॉन्डा एक्टिवा जैसे गियर रहित दोपहि

देश का पहला दोपहिया सीएनजी वाहनः 1 किलोग्राम में 120 किलोमीटर


ा वाहनों में फिट की गई है.

हॉन्डा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा हर स्कूटर में एक किलोग्राम के दो सिलेंडर फिट किए गए हैं. इन्हें एक्टिवा के आगे बनी डिक्की के अंदर लगाया गया है.

सरकार का दावा है कि यह स्कूटर एक किलोग्राम सीएनजी में करीब 120 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं. यानी एक बार भरवाने पर इसमें लगे दो सिलेंडर इसे करीब 240 किलोमीटर दूरी तय करने के लिए पर्याप्त बना देंगे.

इस परियोजना के तहत डॉमिनोज के निर्धारित आउटलेट्स पर इन दोपहिया वाहनों को मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाएगा. इसे चलाने वाले व्यक्तियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर कंपनी इन किट्स में जरूरी मरम्मत और बदलाव करेगी. परीक्षण और उचित बदलाव के बाद हरी झंडी मिलने पर सरकार आम जनता को अपने वाहनों में यह किट लगवाने की अनुमति देगी.

यह विशेष सीएनजी किट गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के साथ संयुक्त रूप से इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के हवा बदलो अभियान के तहत तैयार की गई हैं.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और पर्यावरण प्रदूषण (प्रीवेंशन एंड कंट्रोल) अथॉरिटी (ईपीसीए) के दिशानिर्देशों के अंतर्गत जनवरी 2016 से दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की कड़ी मशक्कत पहले से ही चल रही है. इसका मकसद परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है.

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